प्रक्षेप्य का पथ वक्र क्यों होता है?
जब गेंद को ऊपर और आगे फेंकते हैं, तो उसका क्षैतिज वेग बना रहता है, जबकि गुरुत्व उसके ऊर्ध्वाधर वेग को निरंतर बदलता है। दोनों गतियों को अलग-अलग समझना प्रक्षेप्य गति की कुंजी है। यह एक आदर्श मॉडल है; वास्तविक हवा का प्रतिरोध शामिल नहीं है।
सीखने के उद्देश्य
- प्रारंभिक वेग को क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर घटकों में बाँटना।
- उड़ान समय, अधिकतम ऊँचाई तथा क्षैतिज परास निकालना।
- समझना कि 45° पर अधिकतम परास किन परिस्थितियों में मिलता है।
- मुफ्त इंटरैक्टिव प्रयोग से सूत्रों की जाँच करना।
आवश्यक मान्यताएँ
प्रारंभिक चाल v₀ और क्षैतिज से कोण θ लें। g = 9.81 m/s², गुरुत्व नीचे की ओर स्थिर है, वायु प्रतिरोध शून्य है तथा प्रक्षेपण और अवतरण एक ही ऊँचाई पर हैं। अलग ऊँचाइयों के लिए नीचे दिए गए परास और उड़ान समय के सूत्र सीधे लागू नहीं होंगे।
वेग के घटक और स्थिति
आदर्श स्थिति में क्षैतिज त्वरण शून्य और ऊर्ध्वाधर त्वरण −g है। सबसे ऊँचे बिंदु पर केवल ऊर्ध्वाधर वेग शून्य होता है; क्षैतिज वेग बना रहता है।
उड़ान समय, ऊँचाई और परास
अधिकतम ऊँचाई पर vᵧ = 0 रखने से ऊपर पहुँचने का समय मिलता है। समान ऊँचाई पर लौटते समय कुल उड़ान समय उसका दोगुना होता है। क्षैतिज वेग को कुल समय से गुणा करने पर परास निकलता है।
हल किया हुआ उदाहरण
v₀ = 24 m/s, θ = 30° तथा g = 9.81 m/s² लें। क्षैतिज चाल 20.78 m/s और ऊर्ध्वाधर प्रारंभिक चाल 12 m/s होगी। उड़ान समय 2.45 s, अधिकतम ऊँचाई 7.34 m तथा परास 50.85 m मिलता है। समान चाल पर 60° का परास भी 50.85 m है, लेकिन ऊँचाई और उड़ान समय अधिक हैं। 45° पर आदर्श अधिकतम परास लगभग 58.72 m होगा।
स्वयं प्रयोग करें
- प्रक्षेप्य गति प्रयोगशाला खोलें और चाल 24 m/s तथा कोण 30° रखें।
- चलाने से पहले T, H और R की भविष्यवाणी लिखें।
- कोण 60° करें और तीनों मानों में परिवर्तन देखें।
- 45° पर अधिकतम परास की जाँच करें।
- कोण स्थिर रखकर चाल बदलें; परास और ऊँचाई चाल के वर्ग के अनुपाती हैं।
सामान्य गलतफहमियाँ
- गुरुत्व केवल नीचे आते समय नहीं, पूरी उड़ान के दौरान कार्य करता है।
- वायु प्रतिरोध न होने पर क्षैतिज वेग स्थिर रहता है।
- 45° का नियम केवल समान प्रारंभिक-अंतिम ऊँचाई और बिना वायु प्रतिरोध के सही है।
परीक्षा अभ्यास और उत्तर
- 20 m/s की चाल, 45° कोण और g = 10 m/s² पर परास कितना है? उत्तर: 40 m।
- 30° और 60° में किसका उड़ान समय अधिक है? उत्तर: 60° का।
- चाल तीन गुना करने से आदर्श परास कितने गुना होगा? उत्तर: नौ गुना।
- शीर्ष बिंदु पर क्या गेंद स्थिर है? उत्तर: नहीं, क्षैतिज वेग बचा रहता है।
आगे क्या करें?
नीचे लिंक की गई इंटरैक्टिव प्रयोगशाला और प्रिंट कार्यपत्रक से गणना की तुलना करें। पहले अनुमान लगाना और बाद में परिणाम देखना सबसे अच्छा अभ्यास है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या 45° हमेशा सबसे अच्छा कोण है?
नहीं। यह नियम समान प्रारंभिक-अंतिम ऊँचाई और बिना वायु प्रतिरोध की आदर्श स्थिति में सही है।
क्षैतिज वेग का क्या होता है?
वायु प्रतिरोध रहित मॉडल में यह स्थिर रहता है।
पूरक कोणों का परास समान क्यों होता है?
क्योंकि sin(2θ) का मान दोनों के लिए बराबर होता है।
चाल दोगुनी होने से परास दोगुना होगा?
नहीं, स्थिर कोण पर परास चार गुना होगा।
आगे पढ़ें और संदर्भ
संदर्भ स्वतंत्र अध्ययन के लिए हैं; इस पृष्ठ की व्याख्या और उदाहरण NANDAX के लिए तैयार किए गए हैं।